वस्त्र विरासत

हिमालय की बुनाई गाथा:सिक्किम की ३ सबसे प्रसिद्ध कपड़ा विरासत

हिमालय की बुनाई गाथा: सिक्किम की पारंपरिक लेप्चा थारा, पांगदेन और भूटिया कालीन की कहानी Read this in – English / বাংলা / असमिया कंचनजंगा की बर्फ से ढकी चोटियाँ और छांगू लेक का नीला पानी— सिक्किम का नाम लेते ही यह रूप हमारी आँखों के सामने आ जाता है। लेकिन इस पर्वतीय क्षेत्र की

हिमालय की बुनाई गाथा:सिक्किम की ३ सबसे प्रसिद्ध कपड़ा विरासत Read More »

वस्त्र विरासत

राजबोंगशी बुनकर कला और पीले-हरे रंगों की पारंपरिक जुगलबंदी

उत्तर बंगाल की मिट्टी की महक: राजबोंगशी टेक्सटाइल की विरासत और पीले-हरे रंगों का जादू | Vunavya Read this in – English / বাংলা /অসমীয়া उत्तर बंगाल का नाम लेते ही डुआर्स के घने जंगल और तीस्ता-तोर्सा की रूपहती धाराएं आँखों के सामने तैरने लगती हैं। लेकिन इसी प्रकृति की गोद में कोचबिहार और जलपाईगुड़ी

राजबोंगशी बुनकर कला और पीले-हरे रंगों की पारंपरिक जुगलबंदी Read More »

वस्त्र विरासत

दार्जिलिंग और कालिम्पोंग की प्राचीन ‘लेपचा बुनाई’ और बैकस्ट्रैप लूम का जादू

उत्तर बंगाल की पहाड़ी विरासत: दार्जिलिंग और कालिम्पोंग की प्राचीन लेपचा बुनाई (Lepcha Weaves) | Vunavya Read this in – English /বাংলা / অসমীয়া उत्तर बंगाल के पहाड़ों का नाम लेते ही हमारी आँखों के सामने कोहरे से घिरा दार्जिलिंग या कालिम्पोंग का जादुई रूप और सुगंधित चाय उभर आती है। लेकिन इसी हिमालय की

दार्जिलिंग और कालिम्पोंग की प्राचीन ‘लेपचा बुनाई’ और बैकस्ट्रैप लूम का जादू Read More »

वस्त्र विरासत

माजुली की वस्त्र कला: आध्यात्मिक सत्र संस्कृति

माजुली के पारंपरिक वस्त्र: सत्र संस्कृति और जनजातीय बुनाई का एक अद्भुत समागम | Vunavya Read this in-English/বাংলা/असमिया ब्रह्मपुत्र नदी के सीने पर तैरता विश्व का सबसे बड़ा नदी द्वीप ‘माजुली’ केवल एक भूभाग नहीं है, बल्कि यह असम की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना का धड़कता हुआ दिल है। महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव के नेतृत्व में

माजुली की वस्त्र कला: आध्यात्मिक सत्र संस्कृति Read More »

वस्त्र विरासत

बंगाल का पारंपरिक करघा बनाम असम का जादुई ‘लॉयन लूम’ और ‘थ्रो-शटल’

करघा शाला के भीतर: बंगाल का पारंपरिक करघा बनाम असम का जादुई ‘लॉयन लूम’ और ‘थ्रो-शटल’ Read this in – English/বাংলা/অসমীয়া एक आदर्श हैंडलूम साड़ी या मेखला चादर की हर तह में बुनकर का कौशल छिपा होता है। लेकिन यह कौशल जिस यंत्र के माध्यम से व्यक्त होता है, वह है करघा या लूम (Loom)।

बंगाल का पारंपरिक करघा बनाम असम का जादुई ‘लॉयन लूम’ और ‘थ्रो-शटल’ Read More »

वस्त्र विरासत

मेखला चादर का शाश्वत साथी कांसा आभूषण

धागों की बुनाई और धातु का मेल: मेखला चादर के साथ जोनबिरी और ढोलबिरी की शाश्वत जुगलबंदी Read this in – English/বাংলা / অসমীয়া असम के हथकरघा (Handloom) उद्योग की बात करें तो हमारे दिमाग में मूँगा, पाट या एरी सिल्क की खूबसूरत नक्काशी उभरती है, ठीक वैसे ही जब असमिया महिलाओं के श्रृंगार की

मेखला चादर का शाश्वत साथी कांसा आभूषण Read More »

वस्त्र विरासत

असम की प्राचीन बुनाई: पेड़ की छाल और पत्तियों से प्राकृतिक रंग बनाने की टिकाऊ कहानी

प्रकृति के रंगों से सजा असम: पारंपरिक प्राकृतिक रंग बनाने की टिकाऊ विरासत | Vunavya Read this in – English/বাংলা/असमिया आज की फैशन दुनिया में जब रासायनिक रंगों के हानिकारक प्रभावों को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं, तब असम के सुदूर गांवों के बुनकर हमें एक नया रास्ता दिखा रहे हैं। पीढ़ियों से वे बिना

असम की प्राचीन बुनाई: पेड़ की छाल और पत्तियों से प्राकृतिक रंग बनाने की टिकाऊ कहानी Read More »

वस्त्र विरासत

असम का खोया हुआ रत्न: ‘वृंदावनी वस्त्र’

असम का खोया हुआ रत्न: ‘वृंदावनी वस्त्र’ की आध्यात्मिक और ऐतिहासिक बुनाई Read this in – English/বাংলা/असमिया असम के हथकरघा उद्योग की बात करें तो हमारी आँखों के सामने मूंगा या पाट सिल्क का रूप उभर आता है। लेकिन असम के बुनकरों का कौशल केवल कपड़े बनाने तक ही सीमित नहीं था, यह आध्यात्मिकता के

असम का खोया हुआ रत्न: ‘वृंदावनी वस्त्र’ Read More »

वस्त्र विरासत

असम की जनजातीय बुनाई: बोडो, मिसिंग और कार्बी टेक्सटाइल का जादुई रूप

असम की जनजातीय बुनाई: बोडो, मिसिंग और कार्बी टेक्सटाइल का जादुई रूप Read this in – English/বাংলা/অসমীয়া असम का नाम सुनते ही हमारे दिमाग में सुनहरे मूंगा या सफेद पाट सिल्क की तस्वीर उभर आती है। लेकिन असम के कपड़ा उद्योग का कैनवास केवल इन दो रंगों तक सीमित नहीं है। इस राज्य के पहाड़ों

असम की जनजातीय बुनाई: बोडो, मिसिंग और कार्बी टेक्सटाइल का जादुई रूप Read More »

वस्त्र विरासत

सुआलकुची: असम का मैनचेस्टर

सुआलकुची: असम का मैनचेस्टर और पारंपरिक हथकरघा उद्योग का स्वर्ग Read this in – English/বাংলা/অসমীয়া भारत के नक्शे पर कुछ ऐसी जगहें हैं जहाँ कदम रखते ही एक अलग ही लय सुनाई देती है। किसी मशीन का शोर नहीं, बल्कि लकड़ी के करघे की खट-खट और शटल (मक्को) के चलने की मीठी आवाज़। असम के

सुआलकुची: असम का मैनचेस्टर Read More »

वस्त्र विरासत
Shopping Cart
Scroll to Top